Friday, December 30, 2011

लम्हा

सुरमई शाम जब सुनहरी लगने लगे
रात के आगोश में सूरज पिघल रहा है कही कही !!!!

तेरी छोटी बात गुनगुनाती रहती है गीत खुशियों के ,
अजनबी , ऐसे अपनेपन की अदा देखी नहीं कही !!!

जिंदगी जब सतरंगी सपनो में संवर चले
जीने की वजह बता, गुजरा है कोई अभी अभी !!!

दिल के तार छु जाता है कोई अपना, बेगाना सा
यादें जब मुस्कुराहटों में बदल जाए कभी कभी

लम्हा- लम्हा मेरे खयालो में बसी रहती है तू
यादे तेरी जुदा मुझ से हुई कभी नहीं !!!

Thursday, December 29, 2011

yaad, aarjoo aur udaasi

आज का दिन तुम्हारी याद मे कुछ यूँ गुज़रा ,
के जैसे तन्हायियो मे तस्सवुर की रात गुज़रती है .. . [नीलम ]

तेरे ख्वाबों की हकीकत में कुछ खोया रहा इस कदर..
के लगा .. हर हवा पुकार तेरा नाम गुजरती है !!!
घंटो बैठा मैं खुद से बाते किया करता रहता हूँ .
इस बेखुदी में कब सुबह.. कहाँ शाम गुजरती है !!!!
तेरी बेरुखी से नहीं .. तेरे बिछड़ने से डरता हूँ ए "मीत"
देख ले मेरी जान, मेरी जान पे क्या गुजरती है

Sunday, December 25, 2011

बरसो बैठा रहा दरगाह पे ..

इक रोटी की उम्मीद कर
आज मयकदे आया तो .. मेरी झोली भर गयी !!!

पता दे कही और का , कही और आज मिला है तू
वाह रे खुदा ..आज मयकशी में खुदाई संवर गयी

Wednesday, November 30, 2011

अजनबी

गुफ्तगू के रास्ते, जाने कब ख्वाबों में उतर गए ,
यादों का इक झोका आया, खुशबू से बिखर गए
'मीत' अकेले में मुस्कुराने की सौगात देकर,
हमे तन्हा छोड़ , कारवा संग गुजर गए !!!

Sunday, April 17, 2011

बता अजनबी, तू कौन है ?

बस खवाब ही तो अपने थे,

अब तस्सवुर में रुसवाईयों का दौर है ,

खुद में तुझ की तलाश ने दीवाना कर दिया !



भटकती हुई गलियों के चौराहे पे ,

आज मुझसे मेरा पता पूछ गया कोई,

तुने मुझे ,अपने शहर में बेगाना कर दिया !!!



आइना देखते हुए 'मीत', अब डर लगता है,

कही मेरा ही अक्स मुझसे पूछ ना बैठे,

बता अजनबी, तू कौन है ?